T1-16: डिविडेंड रीइन्वेस्टमेंट (Dividend Reinvestment)

English version के लिए कृपया यहाँ जाएँ: T1-16: Dividend Reinvestment Plans (DRIPs)

जब आपको उस कंपनी से डिविडेंड (Dividend या लाभांश) मिलता है जिसमें आपने इन्वेस्ट (Invest या निवेश) किया है, और आप उस डिविडेंड को उसी कंपनी या किसी दूसरी कंपनी के शेयरों में दोबारा इन्वेस्ट करते हैं, तो इसे डिविडेंड रीइन्वेस्टमेंट (dividend reinvestment या लाभांश का पुनर्निवेश) कहा जाता है।

डिविडेंड रीइन्वेस्टमेंट आपके इन्वेस्टमेंट्स पर मिलने वाले लंबे समय के रिटर्न को बेहतर बनाने में मदद करता है। इस रीइन्वेस्टमेंट के प्रोसेस (process या प्रक्रिया) से ‘स्नोबॉल इफ़ेक्ट’ (snowball effect) शुरू होता है। यह ठीक पहाड़ से गिरते उस बर्फ के गोले की तरह काम करता है, जो नीचे आते-आते और बड़ा होता जाता है। यहाँ हर बार रीइन्वेस्ट किया गया डिविडेंड खुद अपना डिविडेंड कमाने लगता है।

इसे एक एग्जांपल (example या उदाहरण) से देखते हैं। मान लीजिए आपके पास किसी कंपनी का ₹10 की कीमत का 1 शेयर है, जो हर बार ₹1 (10%) का डिविडेंड देता है। बिना अपनी जेब से अलग से पैसा लगाए, सिर्फ़ 5 डिविडेंड रीइन्वेस्ट करने से आपकी होल्डिंग (holding या संपत्ति) ₹10 से बढ़कर ₹16.11 (60% से ज़्यादा) हो जाती है:


डिटेल्स
(Details या विवरण)
टोटल शेयर्स
(Total shares)
टोटल वैल्यू
(Total value)
डिस्क्रिप्शन (Description या वर्णन)
शुरुआत
(Starting Point)
1 शेयर₹10.00आपकी टोटल होल्डिंग (holding या संपत्ति)
डिविडेंड नंबर(#) 1₹1.00टोटल डिविडेंड मिला (1 share × ₹1)
होल्डिंग (₹1 रीइन्वेस्ट करने के बाद)1.1 शेयर्स₹11.00
डिविडेंड #2₹1.10टोटल डिविडेंड मिला (1.1 shares × ₹1)
होल्डिंग (₹1.10 रीइन्वेस्ट करने के बाद)1.21 शेयर्स₹12.10
डिविडेंड #3₹1.21टोटल डिविडेंड मिला (1.21 shares × ₹1)
होल्डिंग (₹1.21 रीइन्वेस्ट करने के बाद)1.331 शेयर्स₹13.31
डिविडेंड #4₹1.331 टोटल डिविडेंड मिला (1.331 shares × ₹1)
होल्डिंग (₹1.331 रीइन्वेस्ट करने के बाद)1.4641 शेयर्स₹14.641
डिविडेंड #5₹1.4641टोटल डिविडेंड मिला (1.4641 shares × ₹1)
होल्डिंग (₹1.4641 रीइन्वेस्ट करने के बाद)1.61051 शेयर्स₹16.1051 (लगभग ₹16.11)आपकी फ़ाइनल होल्डिंग (final holding या अंतिम संपत्ति)

अगर आपको डिविडेंड के पैसे की तुरंत ज़रूरत न हो, तो उसे फिर से इन्वेस्ट कर दें। इससे स्नोबॉल इफ़ेक्ट काम करने लगता है और आपका इन्वेस्टमेंट समय के साथ तेज़ी से मल्टीप्लाई (multiply या कई गुना) होने लगता है।

अगर किसी एक कंपनी का डिविडेंड नया शेयर खरीदने के लिए काफ़ी न हो, तो अलग-अलग कंपनियों से मिले डिविडेंड को मिलाकर शेयर खरीदें। जब तक आप डिविडेंड को रीइन्वेस्ट करते रहेंगे, आपको इसका फ़ायदा मिलता रहेगा।

समरी (Summary)

डिविडेंड रीइन्वेस्टमेंट से आपकी होल्डिंग्स समय के साथ बहुत तेज़ी से मल्टीप्लाई होती हैं। अगर आपको डिविडेंड के पैसे की ज़रूरत न हो, तो डिविडेंड रीइन्वेस्टमेंट का फ़ायदा जरूर उठाएँ। अलग-अलग कंपनियों से मिले डिविडेंड को इकट्ठा करें और अपनी पसंद के शेयर में रीइन्वेस्ट करते रहें।

आपके विचार

इस विषय के बारे में आपके अनुभव, सोच या सवाल से हम सभी को सीखने में मदद मिलेगी। अपनी बातें नीचे कमेंट्स में लिखकर ज़रूर बताएं!

Author: Sanjay

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