T1-01: इन्वेस्टमेंट्स के प्रकार

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इन्वेस्टमेंट्स (जिसे हिंदी में निवेश भी कहा जाता है) कई प्रकार के होते हैं। नीचे कुछ सबसे कॉमन इन्वेस्टमेंट्स (Investments) दिए गए हैं, जिनके बारे में आप सोचने या शुरुआत करने का विचार कर सकते हैं। इन्हें फाइनेंस की दुनिया में इन्वेस्टमेंट इंस्ट्रूमेंट्स (Investment Instruments) या फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट्स (Financial Instruments) या हिंदी में वित्तीय साधन भी कहा जाता है।

  • Stocks/Equity/Shares: जब आप किसी कंपनी के स्टॉक्स, शेयर्स या इक्विटी खरीदते हैं, तो आप आसान शब्दों में उस बिज़नेस के एक छोटे से हिस्से के मालिक (Part-owner) बन जाते हैं।
  • Bonds: ये एक तरह के IOUs (I Owe yoU) यानी कर्ज के दस्तावेज होते हैं। यहाँ आप किसी कंपनी या सरकार को एक तय समय के लिए पैसा उधार देते हैं, और बदले में आपको आपका मूल पैसा (Principal) तो मिलता ही है, साथ ही उस पर एक तय ब्याज (Interest) भी मिलता है।
  • Mutual Funds: एक म्यूचुअल फंड असल में इस पेज पर दिए गए अलग-अलग इन्वेस्टमेंट्स का एक पूरा कलेक्शन या एक ‘टोकरी’ (Basket) होता है। आप इस पूरी टोकरी का एक Unit (हिस्सा) या कयी हिस्से खरीद सकते हैं। इस पूरी टोकरी को कई बराबर हिस्सों में बाँट दिया जाता है। मान लीजिए अगर इस टोकरी के 100 हिस्से किए गए हैं और आप 1 हिस्सा (Unit) खरीदते हैं, तो आप उस पूरे फंड के 100वें हिस्से के मालिक बन जाते हैं। इस तरह, कई सारे आम और बड़े इन्वेस्टर्स का पैसा एक साथ इकट्ठा (Pool) करके म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट किया जाता है। मार्केट्स बंद होने के बाद, दिन के आखिर में टोकरी के अंदर मौजूद सभी इन्वेस्टमेंट्स की क्लोजिंग प्राइस के आधार पर एक Unit की डेली प्राइस तय होती है। इसे Net Asset Value या NAV कहा जाता है। जब आप म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट करते हैं या बेचते हैं, तो इस NAV पर खरीदा या बेचा जाता है।
  • Exchange Traded Funds (ETFs): ETFs भी एक तरह के म्यूचुअल फंड्स ही होते हैं, लेकिन इन्हें स्टॉक एक्सचेंज पर बिल्कुल स्टॉक्स (शेयर्स) की तरह ट्रेड (खरीदा और बेचा) किया जाता है। इनकी कीमतें दिनभर मार्केट के उतार-चढ़ाव के साथ बदलती रहती हैं। इसलिए, म्यूचुअल फंड्स की तरह आपको आज की कीमत जानने के लिए दिन के खत्म होने का इंतज़ार नहीं करना पड़ता है; आप अपनी पसंद की कीमत आने पर तुरंत इन्हें खरीद या बेच सकते हैं।
  • Derivatives: उदाहरण के लिए, Futures और Options इसके प्रकार हैं। ये एक तरह के कॉन्ट्रैक्ट्स होते हैं जिनकी अपनी कोई वैल्यू नहीं होती, बल्कि इनकी कीमत किसी असली चीज़ (Underlying Asset) जैसे स्टॉक्स, कमोडिटीज या करेंसी की कीमत पर टिकी होती है। एक भविष्य (Future) या विकल्प (Option) को उस मुख्य एसेट से अलग आज़ाद तौर पर ट्रेड किया जा सकता है, लेकिन इसकी कीमत उसी एसेट के उतार-चढ़ाव के साथ ऊपर-नीचे होती है।
  • Commodities: रोज़मर्रा और व्यापार में इस्तेमाल होने वाली चीज़ें जैसे तेल (Oil), गैस, गेहूँ (Wheat), मक्का (Corn), सोयाबीन, सोना (Gold), चाँदी (Silver) आदि ऐसी कमोडिटीज हैं, जिनमें आप इन्वेस्ट या ट्रेड कर सकते हैं।
  • Property: ज़मीन (Land), कमर्शियल बिल्डिंग्स (दुकानें, ऑफिस), और रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी (घर, फ्लैट) आदि में किया जाने वाला充मेंट Real Estate (रियल एस्टेट) कहलाता है।
  • Real Estate Investment Trusts (REITs): ये ऐसी कंपनियां होती हैं जो रियल एस्टेट में पैसा लगाती हैं। ये बिल्कुल स्टॉक्स की तरह काम करती हैं, लेकिन इनके लिए एक नियम होता है कि इन्हें अपनी कमाई का एक बहुत बड़ा हिस्सा अपने शेयरहोल्डर्स को Dividends (लाभांश) के रूप में वापस देना पड़ता है।
  • Crypto-currencies: बिटकॉइन (Bitcoin), लाकिओन (Litecoin), एथेरियम (Ethereum) वगैरह ऐसी इलेक्ट्रॉनिक या डिजिटल करेंसी (currency) हैं, जो हाल ही के सालों में इन्वेस्टमेंट के रूप में सामने आई हैं और आप और मेरे जैसे आम लोग भी इनमें इन्वेस्ट कर सकते हैं।
  • Bank Certificates of Deposit (CD) या Fixed Deposit फिक्स्ट डेपोसीट्स (Bank FD): यह बिल्कुल बॉन्ड्स की तरह ही काम करता है। यहाँ आप बैंक को कहते हैं कि आप एक तय समय (Fixed Period) के लिए अपना पैसा उनके पास रखेंगे। बदले में बैंक आपको उस डिपॉजिट पर एक निश्चित ब्याज दर (Rate of Interest) देता है, और समय पूरा होने पर (Maturity) आपके मूल पैसे (Principal) की सुरक्षित वापसी की 100% गारंटी देता है।
  • Annuity: यह एक इंश्योरेंस (बीमा) प्रोडक्ट है जहाँ आप शुरुआत में एकमुश्त (Lump sum) रकम चुकाते हैं। इसके बाद, वह एन्युटी आपको हर महीने, हर तीन महीने में, या सालाना एक तय रकम देना शुरू करती है (या भविष्य में एक साथ बड़ी रकम दे सकती है)। ये पेमेंट्स आपको कब से मिलने शुरू होंगे, यह एन्युटी के कॉन्ट्रैक्ट में पहले से लिखा होता है। आपके जाने के बाद, एन्युटी खरीदने के लिए जो शुरुआती रकम आपने दी थी, वह उस इंश्योरेंस कंपनी के पास ही रह जाती है। अब ऐसी भी एन्युटी मिलती हैं जिसमे आपकी शुरुआती रकम आपके जाने के बाद आपके घरवालों को मिलती है।
  • Other Investment Instruments: आर्ट (कलाकृतियां), एंटिक्स (पुरानी और कीमती चीज़ें), ज्वेलरी (गहने), कारें, पुराने सिक्के (Coins), स्टैम्प्स (डाक टिकट) आदि ऑल्टर्नेट इन्वेस्टमेंट्स (Alternative Investments या वैकल्पिक निवेश) के अन्य रूप हैं।

आने वाली पोस्ट्स में हम निवेश के इन अलग-अलग प्रकारों (Types of Investments) को और अधिक विस्तार से समझेंगे। साथ ही, अगर इन्वेस्टमेंट्स के प्रकारों के बारे में आपको और कुछ जानना हो, तो अपने विचार हमें नीचे कमेंट्स में लिखकर जरूर बताएं।

Author: Sanjay

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